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Monday, 28 March 2016

मेरे महबूब तुझें मेरी मोहब्बत की कसम

सन 1963, आई मेरे महबूब अपने वक़्त की कामयाब फिल्मो में से एक हे , इस फिल्म का गाना मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम, एक बडा खुबसूरत नगमा हे जिसे बड़ी खूब
मोसिकी  में नौशाद साहब ने पिरोया , और शकील बदायुनी ने खुबसूरत अल्फाज़ से नवाजा, और उतनी ही शिद्दत और दिल की गहरायी से रफ़ी साहब ने अपनी पुरजोर आवाज़ से इस गाने में चार चाँद लगा दिए, आप भी इस गाने को सुनिए बड़ा सुकून मिलेंगा

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. मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
फिर मुझे नरगिसी आँखों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत

Friday, 25 March 2016

फिल्म आरती का ये खुबसूरत गीत


अब क्या मिसाल दू में तुम्हारे शबाब की.
इन्सान बन गयी हे किरण महताब की .
यु तो हिंदी फिल्मो में अनगिनत नगमे हे .जिन्हें सुनकर एक अजीब सा सुकून मिलता हे .
एक नगमा हे फिल्म आरती का जिसे सुन कर आप कह उठेगे हां यही वो गीत हे जो तन मन ताजा  कर देता हे.
और ऐसा लगता हे की कोई खुशबु सी चारो और बिखर गयी हो .
बड़ी  खुबसूरत और दिलकश  आवाज़ हे. बहुत अच्छा साज़ हे.और गजब के अलफ़ाज़ हे
एक एक शब्द जैसे मोतियों में पिरोया गया हे .
1962 में आई फिल्म आरती  का ये गीत  लिखा हे  मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसे संगीत से  संवारा हे  रोशन  साहब ने,  रोशन  साहब आज  के  सुपर सितारे ऋतिक के दादा हे.  और इस खुबसूरत गीत को  बड़ी खूबसूरती से अपनी दिलकश  और हर दिल अज़ीज़  आवाज़ में गाया हे  मोहमद रफ़ी साहब ने.
अब क्या मिसाल दू में तुम्हारे शबाब की