सन 1963, आई मेरे महबूब अपने वक़्त की कामयाब फिल्मो में
से एक हे , इस फिल्म का गाना मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम, एक बडा
खुबसूरत नगमा हे जिसे बड़ी खूब
मोसिकी में नौशाद साहब ने पिरोया ,
और शकील बदायुनी ने खुबसूरत अल्फाज़ से नवाजा, और उतनी ही शिद्दत और दिल की
गहरायी से रफ़ी साहब ने अपनी पुरजोर आवाज़ से इस गाने में चार चाँद लगा दिए,
आप भी इस गाने को सुनिए बड़ा सुकून मिलेंगा
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. मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
फिर मुझे नरगिसी आँखों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत

