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Friday, 22 February 2019

मछली सूप के फायदे


फास्ट फूड को हमने जिंदगी का एक अहम हिस्सा बना लिया, और नेचुरल जिंदगी से दूरी, चंद लम्हों के स्वाद और सारी जिंदगी के रोग की यही सबसे बड़ी वजह है, क्या वजह है कि आज भी देहातों में जंगलों में पहाड़ों पर रहने वाले लोगों को कभी चश्मा लगाती लगाए हुए नहीं देखा क्योंकि उनकी जिंदगी बिल्कुल नेचर के करीब है वह फितरी जिंदगी जीते हैं सीधी और सच्ची बात है कि जहां नेचर के खिलाफ इंसान जाएगा वहां सेहत नहीं बीमारी ही पाएगा, और जहां नेचुरल जिंदगी के जितना करीब होगा उतना ही सेहतमंद होगा, आइए दोस्तों आज हम बात करते हैं एक ऐसे ही लाजवाब कुदरती सेहतमंद गिजा बारे में वह गिजा है मछली का सूप जी हां दोस्तों मछली का सूप आप इसके फायदे सुनकर हैरान रह जाएंगे इसके फायदे जानकर आप दंग रह जाएंगे वाकई में बड़ा लाजवाब और कारगर नुस्खा है एक साहब जिनको ढाई नंबर का ऐनक लगा हुआ था वह बड़े परेशान थे वह चाहते थे कि किसी तरह यह नंबर नहीं बड़े आखिरकार उनको यह मछली के सूप की सलाह दी गई उन्होंने इसको चंद हफ्ते इस्तेमाल किया और पाया कि नंबर बढ़ने के बजाय उनके ढाई नंबर का चश्मा जो था वह उतर गया, ऐसे एक नहीं बहुत सारे वाकयात हैं, एक साहब जिनका नाम शेख रजा अली है काफी उम्र दराज है उन्होंने जब यह नुस्खा सुना तो फौरन इसको इस्तेमाल करना शुरू किया हैरतअंगेज फायदा होगा एक दोस्त की वालदा जिनकी उम्र 70 साल है उन्होंने इसको इस्तेमाल किया और उन्हें भी बहुत फायदा हुआ काफी लोगों को बहुत फायदा हुआ और काफी लोगों का चश्मा उतर गया वाकई मछली बड़ी ताकतवर और जानदार चीज है और यह सबसे अच्छी चीजों में से एक है मछली का जो सूप है वह फालिज में लकवे में लंगडी के दर्द में यानी साइटिका में कैसी भी कमजोरी पट्ठों की कमजोरी बुढ़ापा जोड़ों का दर्द पुराने से पुराना दर्द जिस्मानी खिंचाव, याददाश्त की कमी के लिए निहायत मुफीद है और अजमोदा है बहुत सेहतमंद नुस्खा है जिनका दिमाग कमजोर है उनके लिए बहुत ही फायदेमंद है आंखों के लिए जिनका सांस फूलता हो या अस्थमा पेशेंट है, उनके लिए बहुत ही शानदार है फिर मछली के सूप की जितनी तारीफ की जाए कम है और यहां पर हम इसका तरीका भी बता देते हैं iska सूप किस तरह बनाना है मछली के सर के टुकड़े करके उन्हें उस में हल्का काली मिर्च और मसाला मिलाकर और उसका सूप बनाने फिर उसको हल्का गर्म और घूंट घूंट पिए इस अमल को आप चंद दिन चंद हफ्ते या चंद्र महीने इस्तेमाल करें और खास तौर से सर्दियों में जरूर इस्तेमाल करें हर 3 दिन के बाद में एक दिन यह सब जरूर पिए फिर आप इससे होने वाले फायदे देखें जिनकी आंखों की रोशनी कम है आंखों की रोशनी तेज हो जाएगी दिमाग ताकतवर हो जाएगा सांस का फूलना दिमागी कमजोरी खिंचाव और जोड़ों का दर्द लंगड़ी का दर्द मैं काफी फायदा होगा और याददाश्त आपकी बहुत अच्छी हो जाएगी ।

Sunday, 17 February 2019

Normal delivery ka gharelu aasan nuskhe -नॉर्मल डिलीवरी का आसान घरेलू नुस्खा


एक लेडीस जिनके पांच ऑपरेशन से बच्चे हुए थे छठी बार उनकी नॉर्मल डिलीवरी हुई यह कमाल कैसे हुआ क्योंकि डॉक्टर तो कहते थे कि ऑपरेशन लाजिम है 5 ऑपरेशन होने के बाद का ऑपरेशन नॉर्मल हो जाना यह अपने आप में एक बड़ी बात है और यह कमाल कोई बहुत बड़ी एलोपैथिक दवा से नहीं बल्कि 1 घरेलू छोटे से टोटके से हुआ जिसे हम आम चीज समझते हैं वह बड़ी खास होती है और वह खास चीज है बादाम का तेल जिसे रोगन बादाम के नाम से जाना जाता है बादाम रोगन के वैसे तो बेशुमार फायदे हैं लेकिन यहां पर जो इसका सबसे बड़ा पहलू सबसे बड़ा फायदा मुझे नजर आया वह मैंने आपके सामने पेश किया है रोगन बादाम के 10 कतरे सुबह और शाम दूध के साथ हामिला, pregnant औरत को दें यह खून की कमी, कमजोरी, और नॉर्मल डिलीवरी में लाजवाब चीज है जब चौथा महीना शुरू हो तब से आप यह देना शुरू करें इसके इस्तेमाल से हैरतअंगेज नतीजे सामने आते हैं जच्चा बच्चा दोनों सेहतमंद होते हैं बच्चा खूबसूरत गोल मटोल और रंग में उजला होता है और लेडीस में कमजोरी पुट्टो का खिंचाव और सबसे बड़ी बात कि नॉर्मल डिलीवरी होती है यह भी बड़ा ही कारगर और असरदार नुस्खा है जिन औरतों को डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी है वह एक बार इस नुस्खे को जरूर आजमाएं

Monday, 18 April 2016

विश्व प्रसीद्ध जयपुर का हवामहल, world famous jaipur hawamahal

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पूरी दुनिया में जयपुर अपनी विरासत के लिए जाना जाता हे | वैसे तो यहाँ आमेर का महल, जंतर मंतर, सिटी पैलेस, नहारगड़ ,जयगड़, जैसी विश्व प्रसीद्ध और ऐतिहासिक इमारते हे | लेकिन हवामहल की बात ही अलग हे |

ये विश्व की पहली ऐसी ईमारत हे जो बिना नींव के बनी हुई हे | इस  पांच मंजिला ईमारत में लगभग 1000, खिड़किया हे | इसका निर्माण महाराजा सवाई प्रताप सिंह ने सन 1799 में कराया था |

हवामहल स्थापत्य कला का एक शानदार नमूना हे | ये राजपूत और मुग़ल शैली का खुबसूरत मिश्रण हे | इसमें फूल पत्तियों का शानदार काम, गुम्बद और विशाल खम्बे राजपूत कला का अच्छा नमूना हे | मुग़ल शैली की नक्काशी और खुबसूरत मेहराब मुग़ल शैली का शानदार नमूना हे | इसकी प्रत्येक छोटी खिड़की पर बलुआ पत्थर की बेहद आकर्षक और खूबसूरत नक्काशीदार जालियां, कंगूरे और गुम्बद बने हुए हैं। जो इसे दुनिया भर में बेमिसाल बनाते हैं।

हवामहल की खूबियों में इसकी खिडकियों का बड़ा कमाल  हे | जैसा की नाम से ही जाहिर हो रहा की हवामहल में हवा का खास ध्यान रखा गया हे | लगभग 1000, छोटी  बड़ी खिड़किया हे | जिसमे से ठंडी ठंडी हवाए आती रहती हे और इसीलिए गर्मी में भी यहाँ ढंडक रहती हे |

और हा इन खिडकियों में रानिया  और शाही महिलाये बैठ कर शहर में से निकालने वाली झाकिया और जुलुस आदि का  आनंद लेती थी | इसके अन्दर बैठने वाले बाहर  का पूरा नजारा देख सकते हे | लेकिन बाहर से कोई इनको नहीं देख सकता |

आप अगर जयपुर आये तो हवामहल जरूर देखना | आपको बहुत पसंद आएगा | लेकिन गर्मी में ना आये यदि आये तो सर्दी बहुत अच्छा मोसम हे | वाकई जयपुर बड़ा खुबसूरत शहर हे और यहाँ के लोग भी |

शुक्रिया
आपका वसीम राजा
मो. 9928451750

Wednesday, 13 April 2016

अच्छे अखलाक़ और इंसानियत good conduct & humanness



सबसे अच्छा इन्सान वो हे जिसके अखलाक अच्छे हो | अखलाक उसके अच्छे होंगे जिसके पास सब्र हो


किसी ने  कहा हे | इन्सान होना हमारा इन्तेखाब नहीं कुदरत की अता हे, लेकिन अपने अन्दर इंसानियत बनाये रखना अपना इंतेखाब हे |

मेरे हिसाब से आज हम लोगो के पास सब्र का माद्दा बहुत कमजोर हो गया हे |

इसलिए आज हमारे बर्दाश्त करने की ताकत भी बहुत कमजोर हो गयी हे | अगर कोई हमसे ऊँची आवाज में बात करे या कोई हमारी बुराई करे तो हमसे सब्र नहीं होता | हम उसकी बुरी बात का उससे बुरे अंदाज में जवाब देते हे | काश, ऐ काश की हमारे पास सब्र हो तो हम उसकी बुरी बात का जवाब उम्दा अखलाक से देते उसकी बुरी बात के बदले उससे अच्छे अंदाज में बात करते |

हम अपने अच्छे अखलाक से दुश्मन को भी दोस्त बना सकते हे | कोई इन्सान कितना भी बुरा हो अगर आप उससे मोहब्बत से पेश आते हे तो यकीनन वो इन्सान आपका हमदर्द, आपका दोस्त  बन जाएगा |

जरूरत हे तो सिर्फ इसी बात की हम अपने आप को बदले | अपनी कमियों को देंखे | और खुश अखलाक वाले बने| बुराइयों के जवाब  अच्छाई से दे | आज सोशल साइटे बुराइयों  को बढाने और हिन्दू मुस्लिम के बीच नफरतो का जहर खोलने का एक प्लेटफार्म बन गई हे | फेसबुक और व्हाट्सअप पर देखे तो हर कोई एक दुसरे को निचा दिखाने में कोई कसर  नहीं छोड़ रहा | हमें आज जिस सबक को पड़ने की सबसे ज्यादा जरूरत हे वो इंसानियत और मोहब्बत हे | हम यह अहद करे की अपने अखलाक से दुश्मनों को भी दोस्त बनायेगे |

Monday, 28 March 2016

मेरे महबूब तुझें मेरी मोहब्बत की कसम

सन 1963, आई मेरे महबूब अपने वक़्त की कामयाब फिल्मो में से एक हे , इस फिल्म का गाना मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम, एक बडा खुबसूरत नगमा हे जिसे बड़ी खूब
मोसिकी  में नौशाद साहब ने पिरोया , और शकील बदायुनी ने खुबसूरत अल्फाज़ से नवाजा, और उतनी ही शिद्दत और दिल की गहरायी से रफ़ी साहब ने अपनी पुरजोर आवाज़ से इस गाने में चार चाँद लगा दिए, आप भी इस गाने को सुनिए बड़ा सुकून मिलेंगा

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. मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत की कसम
फिर मुझे नरगिसी आँखों का सहारा दे दे
मेरा खोया हुआ रंगीन नज़ारा दे दे
मेरे महबूब तुझे मेरी मोहब्बत

Friday, 25 March 2016

फिल्म आरती का ये खुबसूरत गीत


अब क्या मिसाल दू में तुम्हारे शबाब की.
इन्सान बन गयी हे किरण महताब की .
यु तो हिंदी फिल्मो में अनगिनत नगमे हे .जिन्हें सुनकर एक अजीब सा सुकून मिलता हे .
एक नगमा हे फिल्म आरती का जिसे सुन कर आप कह उठेगे हां यही वो गीत हे जो तन मन ताजा  कर देता हे.
और ऐसा लगता हे की कोई खुशबु सी चारो और बिखर गयी हो .
बड़ी  खुबसूरत और दिलकश  आवाज़ हे. बहुत अच्छा साज़ हे.और गजब के अलफ़ाज़ हे
एक एक शब्द जैसे मोतियों में पिरोया गया हे .
1962 में आई फिल्म आरती  का ये गीत  लिखा हे  मजरूह सुल्तानपुरी ने और इसे संगीत से  संवारा हे  रोशन  साहब ने,  रोशन  साहब आज  के  सुपर सितारे ऋतिक के दादा हे.  और इस खुबसूरत गीत को  बड़ी खूबसूरती से अपनी दिलकश  और हर दिल अज़ीज़  आवाज़ में गाया हे  मोहमद रफ़ी साहब ने.
अब क्या मिसाल दू में तुम्हारे शबाब की